वह जाने लगी जब मुझे छोड़कर एक पल के लिए मेरी सांसें ही थम गयी एक बार भी ना देखा उस हरजाई ने पीछे मुड़ कर ज़िंदा लाश को। दिल ने सोचा भी न था की वफ़ा बेवफाई कर गई |
हिमांशु कायस्थ
Saturday, 5 November 2016
धरती पर चाँद
वह हंसी तो ऐसा लगा जैसे धरती पर चाँद का नूर उतर आया है सोचते सोचते ही बीत गयी सारी रात कि धरती पर नूर या चाँद खुद तशरीफ़ ले आया है
HIMANSHU KAYASTH
Friday, 4 November 2016
दिल की गहराइयों में उतर जाने का मज़ा ही कुछ और है गहराइयों में उतर जाने के बाद अगर मुह मोड़ ले पर्दा नशी
तो दिल टूट जाने के बाद मिलने वाली सजा का मज़ा ही कुछ और है ।