Sunday, 13 November 2016

वह जाने लगी जब मुझे छोड़कर
एक पल के लिए मेरी सांसें ही थम गयी

एक बार भी ना देखा उस हरजाई ने पीछे मुड़ कर ज़िंदा लाश को।
दिल ने सोचा भी न था की वफ़ा बेवफाई कर  गई |

                                                            हिमांशु कायस्थ

Saturday, 5 November 2016

धरती पर चाँद



वह हंसी तो ऐसा लगा जैसे धरती पर चाँद का नूर उतर आया है

सोचते सोचते ही बीत गयी सारी रात कि


धरती पर नूर या चाँद खुद तशरीफ़ ले  आया  है


                                        HIMANSHU KAYASTH

Friday, 4 November 2016

दिल की गहराइयों  में उतर जाने का मज़ा ही कुछ और है
गहराइयों  में उतर जाने के बाद अगर मुह मोड़ ले पर्दा नशी

तो दिल टूट जाने के बाद मिलने वाली सजा का मज़ा ही कुछ और  है ।